उत्तराखण्ड सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना | CM Solar Energy Self Employment Yojana

उत्तराखण्ड सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना

Solar Energy Self Employment Yojana

 

क्या इससे प्रदेश के नागरिकों को रोजगार मिल सकेगा ?

भारत एक कृषि प्रधान देश है ।ऐसे में यहां पर रोजगार के अवसर सर्वाधिक कृषि से ही  प्राप्त होते हैं। बढ़ती हुई जनसंख्या रोजगार के अवसर को संकुचित कर दिया है।इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना का प्रारंभ किया । योजना को शुरू करने का श्रेय मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को दिया गया  योजना के संचालित होने से इसके जरिए राज्य के बेरोजगार युवा वर्ग के अतिरिक्त किसानों के साथ ही प्रवासी मजदूरों को ना सिर्फ रोजगार प्राप्त होगा ,इससे वहां देश की उन्नति में भी अपना योगदान दे सकेगे ।

 

इस योजना का मुख्य लक्ष्य रोजगार के नए अवसरों का सृजन करना है।सौर ऊर्जा के तहत  एक स्वरोजगार योजना का शासनादेश पारित कर दिया गया है ।इस योजना से लाभ राज्य उत्तराखंड प्रदेश के बेरोजगार युवा कृषक के अलावा प्रवासी व्यक्ति अपनी स्वामित्व भूमि अथवा लीज पर भूमि लेकर सोलर प्लांट को लगवा सकेंगे।

 

Mukhyamantri Saur Swarojgar Yojana 2020 से जुड़ी अन्य विशेष जानकारी  आपको नीचे दी जा रही हैं ।अतःआप  आगे भी आप इस ब्लॉग को पढ़ते रहे।

 

 

सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना उत्तराखंड के मूलभूत उद्देश्य

जैसा कि अब तक आप जान चुके होंगे कि देश में बढ़ती हुई आबादी को देखते हुए बेरोजगारी की समस्या बढ़ती जा रही है। साथ में बढ़ती हुई जनसंख्या से रोजगार के अवसर सीमित होते जा रहे । नतीजा यह ही की आज का युवा वर्ग पर एक देश से दूसरे देश पलायन करने को मजबूर है ।

Covid 19 के प्रभाव से वर्तमान में इस पर भी रोक लगा दी गई है। इस समस्या को देखते हुए इससे निपटने के लिए राज्य सरकार समय-समय पर अपनी योजनाओं के माध्यम से बेरोजगार व्यक्तियों को नए-नए रोजगार के अवसर प्रदान करती है ।आज हम आपको ऐसी ही राज्य सरकार के द्वारा संचालित योजना के विषय में बताने जा रहे हैं ।इसके तहत उत्तराखंड राज्य के बेरोजगार युवकों को विशेष रुप से लाभ पहुंचेगा।

इस योजना का संचालन मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य  संचालित की जा रही है ।इस योजना का लाभ बेरोजगारों , उद्यमियों को इसके साथ ही उत्तराखंड के ऐसे प्रवासियों को  मिलेगा ।जो कि हाल में ही कोविड-19 के चलते एक राज्य से अपने राज्य की ओर पलायन किया है। इस योजना के माध्यम से उनको अपने राज्य में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इस योजना से लघु एवं सीमांत कृषकों को भी स्थानीय स्तर पर विशेष लाभ पहुंचेगा। यही नहीं यह योजना से  विशेष लाभ उन कृषकों को पहुंचेगा जिनकी कृषि  योग्य भूमि जोकि बंजर हो रही है।

इस योजना के जरिए सोलर पावर प्लांट लगाकर कृषक की  आय के स्रोत बनेंगे। जिससे राज्य की उन्नति के साथ-साथ किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी।

 

 

उत्तराखण्ड सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना को संक्षिप्त में जाने

संचालित योजना का नाममुख्यमंत्री सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना
योजना का प्रारंभमुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी
योजना से हेतु चयनित (लाभार्थी)उत्तराखंड प्रदेश के युवा वर्ग ,किसान प्रवासी मजदूर
योजना का उद्देश्यरोजगार के नए अवसर प्रदान करना

 

मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना 2020

वर्तमान स्थिति की बात करें कोविड-19 के चलते  विभिन्न राज्यों से प्रवासी मजदूर अपने राज्य की ओर लौट कर आए हैं। जिससे कि उन्हीं के राज्य में रोजगार के अवसर मिल पाना उनके लिए आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती है। इस योजना से उत्तराखंड राज्य में नागरिकों को इस योजना से विशेष रूप से ना केवल लाभान्वित करेगी, बल्कि देश की उन्नति के लिए उनकी सहभागिता भी दर्ज होगी ।संक्षेप में कहें तो इस योजना के माध्यम से राज्य के बेरोजगार युवकों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

 

ज्यादातर लोगों को पता होगा कि बहुत से कृषक ऐसे भी हैं जो भूमिविहीन है । वह दूसरे की भूमि पर कार्य करके अपनी जीविका चलाते हैं जैसे कि लघु एवं सीमांत कृषक  को भी इस योजना के माध्यम से रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे 

खास बात यह है कि जिन  कृषको के पास कृषि के लिए भूमि नहीं है उनके लिए सोलर पावर प्लांट की स्थापना के द्वारा उत्पादित विद्युत को UPPCL को बेचकर आय के साधन प्रदान किए जाएंगे।

 

CM Solar Energy Self- Employment Scheme 2020 के तहत कृषकों को 25 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट को ही आवंटित किया जाएगा

इस योजना के लिए सरकार को अनुमानित तौर पर 10 लाख रुपए तक का लागत खर्च वहन करना होगा

 

ऋण में मिलने वाली रियायते: उत्तराखंड सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना 2020

इस योजना के अंतर्गत इस परियोजना में आई लागत का 70 प्रतिशत खर्च राज्य व जिला सहकारी बैंक के द्वारा 8% ब्याज की दर से चुने गए लाभार्थी को ऋण के रूप में प्रदान किया जाएगा।

सरकार की अवधारणा के अनुसार डेढ़ से ढाई लाख रुपए तक की पूंजी निवेश करने पर व्यक्ति को सरकार के सहयोग से इस परियोजना में लगाकर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकता है।

उत्तराखंड सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना 2020 से जुड़े लाभार्थी को  सहकारी बैंक के माध्यम से 15 वर्ष की अवधि के लिए ऋण प्रदान किए जाएंगे।

इस योजना से राज्य के सीमांत जिलों अनुदान राशि 30% तक रहेगी ।इसके साथ ही पर्वतीय जिलों में 25 प्रतिशत की रखी गई है ।इसके अतिरिक्त अन्य जिलों में 15 प्रतिशत तक रखना सुनिश्चित किया गया है।

 

ये भी पढ़े:-

 

Mukhyamantri Saur Swarojgar Yojana 2020 : Benefit from the scheme

 

  इस योजना से लाभ उत्तराखंड की राज्य केवल रोजगार युवाओं कृषि को के अतिरिक्त प्रवासी मजदूरों को होगा ।इस योजना के जरिए उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

इस योजना से लाभार्थी को अपनी स्वामित्व भूमि अथवा लीज पर भूमि लेकर सोलर प्लांट की स्थापना कर सकने में सक्षम होंगे।

इस योजना का लक्ष्य राज्य के 10 हजार बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना रखा गया है।

इसके अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष का निर्धारण MSME एवं वित्त विभाग की सहमति के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।

इस योजना के अंतर्गत उपयुक्त योजना के माध्यम से आवंटित सोलर पावर प्लांट की स्थापना के संबध में विनिर्माणक गतिविधि के लिए  अच्छे सूक्ष्म हो या  लघु स्तर के अलावा मध्यम उद्योग(MSME) विभाग के माध्यम से संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत स्वीकृत अनुदान/मार्जिन मनी अथवा लाभ प्राप्त होंगे।

 

इस योजना हेतु 25 किलोवाट क्षमता के संयंत्र की स्थापना पर तकरीबन 40प्रति किलोवाट की दर से कुल 10 लाख व्यय की संभावना की जा रही है।

 

इसके अतिरिक्त 25 किलो वाट की क्षमता से सोलर पावर प्लांट के द्वारा साल भर में अनुमानित 38,000 यूनिट विद्युत का उत्पादन किया जा सकेगा।

 

मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना योग्यता

  • इस योजना से जुड़ने के लिए  आवेदक का उत्तराखंड का स्थाई रूप से निवासी होना चाहिए।
  • इस योजना के तहत उत्तराखंड प्रदेश के बेरोजगार युवा वर्ग कृषक के साथ ही प्रवासी मजदूरों को ही योग्य समझा जाएगा।
  • प्रदेश के उद्यमशील युवकों के अतिरिक्त ग्रामीण बेरोजगार एवं किसानों की आयु 18 साल से अधिक होना अनिवार्य है।
  • इस योजना से प्रदेश के नागरिकों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। खास बात तो यह है कि इसके लिए किसी भी प्रकार की शैक्षिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है। आवेदक शिक्षित एवं अशिक्षित दोनों ही स्थितियों में इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
  • इस योजना के माध्यम से आवेदक किसी भी दशा में   केवल एक बार ही सोलर पावर प्लांट आवंटित किए जाने नियम है।

 

सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना आवश्यक दस्तावेज

  • आवेदक के पास आधार कार्ड होना चाहिए।
  • आवेदक की पहचान को प्रमाणित करने के लिए  पहचान पत्र होना अनिवार्य है ।
  • बैंक अकाउंट पासबुक की कॉपी
  • निवास प्रमाण पत्र की कॉपी
  • आवेदक का अपना सक्रिय  मोबाइल नंबर
  • आवेदक को आवेदन के दौरान आवेदक की पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता पड़ती है।

 

मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना आवेदन प्रोसेस

CM Solar Energy Self Employment Scheme Application Procedure

अब तक तो आप जान चुके होंगे इस योजना के माध्यम से राज्य के इच्छुक बेरोजगार युवा किसान के अतिरिक्त प्रवासी मजदूरों को विशेष तौर पर लाभ होगा ।

इस योजना का लक्ष्य सौर ऊर्जा क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर प्रदेश के नागरिकों को प्रदान करना है ।इस योजना में सहभागिता  के लिए प्रदेश के नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा ।

 

आवेदन की प्रक्रिया आपको नीचे बताई  गई है इसे आप को नियोजित तरीके से भरना होगा।

इस योजना में सहभागिता के लिए प्रदेश के नागरिक को ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उरेडा के माध्यम से MSME Online Portal पर जाकर आवेदन करना होगा ।इसी माध्यम से आप इस योजना से जुड़ सकेंगे यानी कि आवेदन करने में सक्षम हो सकें।

आवेदन करने हेतु सभी लाभार्थियों को एक आवेदन पत्र को दिए गए दिशा निर्देश के अनुसार भरना होगा इसके साथ ही प्रत्येक लाभार्थी को ₹500/- (जी0एस0टी0के साथ) देना होगा

आवेदक को आवेदन शुल्क ₹500 निर्देशक,उरेडा,देहरादून के पक्ष में बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जमा कराया जाना होगा अथवा

आवेदक को संबधित खाते में रकम जमा करनी होगी इसमें निम्न जानकारी देनी होगी

  • उरेडा के खाता सं0- 4422000101072887,
  • IFSC Code:PUNB0442200
  • ब्रांच :विधानसभा,देहरादून में जमा करना होगा ।

प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी के लिए प्रत्येक जनपद में निम्नानुसार “तकनीकी समिति” गठित किया जाएगा

महाप्रबंधक,जिला उद्योग केंद्र के अलावा उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि।

UPLC के से जुड़े जनपद के अधिशासी अभियन्ता की उपस्थिति

उरेडा के जनपदीय अधिकारी, (समन्वयक)

 

तकनीकी रूप से योग्य पाये गये आवेदकों को परियोजना का आवंटन जनपद स्तर पर नीचे दिए गए  गठित समिति द्वारा किया जायेगा :-

जिलाधिकारी के साथ उनके द्वारा नामित मुख्य विकास अधिकारी – अध्यक्ष के अलावा महाप्रबन्धक,जिला उद्योग केंद्र -सदस्य।

अधिशासी अभियन्ता में  यू0पी0सी0एल0 के सदस्य।

 आवेदक के सम्बंधित जनपद के सचिव /महाप्रबन्धक के साथ ही जिला सहकारी बैंक के  सदस्य।

वरि0 परि0 अधि0 /परि0 अधि0,उरेडा के सदस्य सचिव।

 

परियोजना आवंटन पत्र उपलब्ध होने पर लाभार्थी के माध्यम से उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लि0 (यू0पी0सी0एल0) सहित विद्युत् क्रय अनुबंध हस्ताक्षर कराए जाएंगे ।

 

CM Solar Energy Self Employment Yojana 2020

Leave a Comment